छत्तीसगढ़ प्रादेशिक

सरेंडर नक्सलियों ने खोला जंगल में छिपे हथियारों का राज: सुकमा में बड़ा विस्फोटक डंप बरामद, 2 टिफिन बम समेत डेटोनेटर-जिलेटिन जब्त

सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिले खुफिया इनपुट के आधार पर जवानों ने बेलपोच्चा-गोमपाड़ के घने जंगल में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया विस्फोटक डंप बरामद किया है।

सुरक्षा बलों ने मौके से दो टिफिन बम, 10 डेटोनेटर, 17 जिलेटिन स्टिक और कोडेक्स वायर समेत बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की है। पुलिस के मुताबिक, समय रहते डंप का पता लगने से सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की संभावित नक्सली साजिश नाकाम हुई है।

सरेंडर नक्सलियों की सूचना बनी ऑपरेशन की वजह

पुलिस को आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से जंगल में छिपाए गए विस्फोटक डंप की जानकारी मिली थी। इनपुट के बाद 30 अगस्त को जिला बल, DRG और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने बेलपोच्चा से गोमपाड़ जाने वाले मार्ग के आसपास के जंगल और पहाड़ी इलाके में सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान शुरू किया।

घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में तलाशी के दौरान जवानों को नक्सलियों का छिपाया हुआ डंप मिला।

8 किलो के दो टिफिन बम मिले

सर्चिंग के दौरान मिले डंप में दो टिफिन बम शामिल हैं। इनमें एक का वजन करीब 5 किलो और दूसरे का करीब 3 किलो बताया गया है।

इसके अलावा मौके से:

  • 10 डेटोनेटर
  • 17 जिलेटिन स्टिक
  • 4 बंडल कोडेक्स वायर
  • फ्यूज वायर
  • बिजली के तार
  • बैटरी
  • स्टील टिफिन
  • अन्य नक्सली उपयोग की सामग्री बरामद की गई है।

क्या बड़ी वारदात की तैयारी थी?

सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि जंगल में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री किस मकसद से छिपाई गई थी।

पुलिस को आशंका है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल सुरक्षा बलों को निशाना बनाने या इलाके में हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था। हालांकि, इसका वास्तविक उद्देश्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

‘जो कभी नक्सली थे, अब वही दे रहे हैं इनपुट’

इस कार्रवाई की सबसे खास बात यह है कि जिस नक्सली नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा बल अभियान चला रहे हैं, उसी संगठन से अलग होकर मुख्यधारा में लौटे लोगों की जानकारी अब सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सुकमा में आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सली जंगलों में छिपे हथियारों और विस्फोटक ठिकानों की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को दे रहे हैं। अधिकारियों ने इसे क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

आसपास के जंगलों में सर्चिंग बढ़ाई

डंप बरामद होने के बाद सुरक्षा बलों ने आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान और तेज कर दिया है।

अब टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इलाके में नक्सलियों ने ऐसे और कितने डंप छिपा रखे हैं। दुर्गम और घने जंगलों में एरिया डोमिनेशन और कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है।

नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता

सुकमा पुलिस के लिए यह बरामदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जंगल में छिपाए गए विस्फोटक किसी बड़ी घटना में इस्तेमाल होने से पहले ही सुरक्षा बलों के हाथ लग गए।

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सरेंडर कर चुके नक्सली अब सुरक्षा बलों के लिए खुफिया नेटवर्क का हिस्सा बन रहे हैं। उनकी जानकारी के आधार पर जंगलों में छिपे हथियार और विस्फोटक लगातार बरामद किए जा रहे हैं।

फिलहाल सुरक्षा बलों का अभियान जारी है और आसपास के इलाकों में छिपे अन्य नक्सली डंप की तलाश की जा रही है।

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